हाईलाइट्स
- अग्निपथ योजना, एनडीए, सीडीएस और एनसीसी प्रवेश की दी गई जानकारी
- छात्राओं को भी सेना में शामिल होने के लिए किया प्रेरित
लखनऊ। भारतीय सेना में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सैन्य सेवाओं में करियर के अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, एएमसी लखनऊ में विशेष जागरूकता एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया।
मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के एडीजी मेजर जनरल मनीष कुमार, वाईएसएम, एसएम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 500 विद्यार्थियों और 15 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि मेजर जनरल मनीष कुमार भी इसी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।
भर्ती कार्यालय (मुख्यालय), लखनऊ के निदेशक कर्नल कपिल सारस्वत ने विद्यार्थियों को भारतीय सेना में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारी प्रवेश और अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर भर्ती की प्रक्रिया और अवसरों के बारे में विस्तार से बताया।
सत्र में भर्ती कार्यालय की टीम के सदस्य मेजर मो. फसीथ, सूबेदार मेजर जगवीर सिंह और हवलदार क्लर्क अजीत कुमार ने भी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुबोध अग्निहोत्री सहित शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) और आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) के माध्यम से अधिकारी बनने के अवसरों पर जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को भर्ती की नवीनतम नीतियों, पात्रता, ऑनलाइन परीक्षाओं और सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) की चयन प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसके अलावा अग्निवीर चयन प्रक्रिया और भर्ती वर्ष 2026-27 की भर्ती रैली से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने सैन्य जीवन में अनुशासन, समर्पण, शारीरिक फिटनेस, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
छात्राओं को विशेष रूप से एनडीए सहित सेना में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने और सशस्त्र बलों में अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका के बारे में भी बताया गया। उन्हें अपने चुने हुए क्षेत्र में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।
सेना में भर्ती से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए हैंडआउट, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री भी वितरित की गई। कार्यक्रम को विद्यार्थियों और शिक्षकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। इस पहल के माध्यम से युवाओं को भारतीय सेना में करियर बनाने के विभिन्न रास्तों और चयन प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।
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