लखनऊ। राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 की भावना के अनुरूप खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, सुशासन और खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन ने अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत किया है।
चार बोर्ड और महिला-पुरुष एथलीट कमीशन गठित
एसोसिएशन ने कोचिंग, तकनीकी, चयन और रेफरी व्यवस्था के साथ खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए महिला एवं पुरुष एथलीट कमीशन का गठन किया है। हाल ही में लखनऊ में हुई एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा (एजीएम) में इन संगठनात्मक बदलावों को लेकर निर्णय लिया गया।
एजीएम में एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. सुधीर एम. बोबडे (सेवानिवृत्त आईएएस) और अध्यक्ष अलका दास वर्चुअली जुड़े थे। इसी नई व्यवस्था के तहत अमित पाण्डेय को एक बार फिर कार्यकारी महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने एजीएम में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद खेल संगठनों के लिए अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना महत्वपूर्ण हो गया है।
अमित पाण्डेय को फिर मिली कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी
इसी को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञ बोर्डों तथा खिलाड़ियों की भागीदारी को मजबूत करने के लिए महिला और पुरुष एथलीट कमीशन का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि हैंडबॉल के विकास के लिए मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था के साथ खिलाड़ियों की आवाज को महत्व देना भी जरूरी है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में कोचिंग, चयन, तकनीकी व्यवस्था और रेफरी सिस्टम को और बेहतर किया जाए तथा खिलाड़ियों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने के लिए प्रभावी मंच मिले।
अमित पाण्डेय पर फिर जताया भरोसा
एसोसिएशन ने अमित पाण्डेय को पुनः कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी देकर उनके संगठनात्मक अनुभव और हैंडबॉल के प्रति सक्रिय योगदान पर भरोसा जताया है। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले वाराणसी पब्लिक स्कूल के निदेशक अमित पाण्डेय खेल जगत में भी लंबे समय से सक्रिय हैं।
कार्यकारी महासचिव के रूप में उनकी भूमिका केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश में हैंडबॉल की गतिविधियों को गति देने, विभिन्न बोर्डों के बीच समन्वय स्थापित करने, खिलाड़ियों और खेल संगठन के बीच संवाद मजबूत करने तथा प्रदेश की प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण होगी।
अमित पाण्डेय को लेकर एसोसिएशन ने भविष्य की संगठनात्मक भूमिका भी स्पष्ट कर दी है। डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान कार्यकाल के बाद होने वाले आगामी संगठनात्मक गठन में प्रदेश महासचिव पद के लिए अमित पाण्डेय के नाम का प्रस्ताव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमित पाण्डेय की सक्रियता, संगठन के प्रति प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों के साथ उनके निरंतर संवाद को देखते हुए भविष्य में उन्हें और बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर विचार किया गया है।
चार बोर्ड और दो एथलीट कमीशन गठित
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन की नई व्यवस्था में विभिन्न जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है। कोचिंग बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद तौहीद और संयोजक मोहम्मद इरफान होंगे।
तकनीकी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. संदीप गुप्ता तथा संयोजक डॉ. देवेश होंगे। चयन बोर्ड के अध्यक्ष संजय राय और संयोजक डॉ. सुमंत पांडेय होंगे, जबकि रेफरी बोर्ड के अध्यक्ष परमिंदर सिंह तथा संयोजक शम्स तबरेज शम्पू होंगे।
खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के उद्देश्य से महिला एथलीट कमीशन की अध्यक्ष ज्योति शुक्ला और संयोजक मंजुला पाठक को बनाया गया है। वहीं पुरुष एथलीट कमीशन के अध्यक्ष सचिन भारद्वाज और संयोजक मोहित यादव होंगे।
खिलाड़ी हित को मिलेगी प्राथमिकता
एसोसिएशन के नए ढांचे में कोचिंग, तकनीकी व्यवस्था, चयन और रेफरी से जुड़े मामलों को अलग-अलग बोर्डों के माध्यम से संचालित करने का उद्देश्य विशेषज्ञता आधारित व्यवस्था विकसित करना है।
वहीं महिला और पुरुष एथलीट कमीशन के माध्यम से खिलाड़ियों की भागीदारी और उनकी समस्याओं को संगठनात्मक स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने का प्रयास किया गया है।
एसोसिएशन का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में हैंडबॉल को जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत करना है। नई व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, पारदर्शी चयन, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी सहयोग और आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
ये भी पढ़ें : एशियन यूथ हैंडबॉल में भारतीय टीम को कोचिंग देंगे यूपी के मो. तौहीद













