कोलकाता : भारतीय सेना फुटबॉल टीम ने 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए बुधवार को किशोर भारती क्रीड़ांगन में ग्रुप बी के मुकाबले में बागपत एफसी को 4-0 से करारी शिकस्त दी।
समीर मुर्मू, सैखोम बोरिश सिंह, शुभम राणा और पी. क्रिस्टोफर कामेई के गोलों की बदौलत सर्विसेज़ टीम ने आरामदायक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय सेना ने दो मैचों में पूरे छह अंक हासिल कर लिए, जबकि बागपत एफसी अपने पहले डूरंड कप अभियान का समापन बिना किसी जीत के करने पर मजबूर हुई।
इंडियनऑयल डूरंड कप
135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के सभी 43 मुकाबलों का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर उपलब्ध होगी।
पहला मुकाबला जीतकर आत्मविश्वास से भरी भारतीय सेना ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। दूसरी ओर, शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी बागपत एफसी अपने पहले अंक की तलाश में उतरी थी।
मैच के चौथे ही मिनट में बागपत के गोलकीपर अयान भट्टाचार्य को अपनी पेनाल्टी एरिया से काफी बाहर आकर शानदार क्लियरेंस करना पड़ा, जिससे सेना के शुरुआती हमले को रोका जा सका। इसके बावजूद भारतीय सेना लगातार दबाव बनाती रही और समीर मुर्मू का एक प्रयास ब्लॉक कर दिया गया।
12वें मिनट में भारतीय सेना को बढ़त मिली। पी. क्रिस्टोफर कामेई ने समीर मुर्मू की दौड़ को भांपते हुए रक्षापंक्ति के पीछे बेहतरीन फ्लोटेड पास डाला। मुर्मू ने शानदार टाइमिंग के साथ गेंद को नियंत्रित किया और आगे बढ़ चुके गोलकीपर के ऊपर से चिप शॉट खेलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
भारतीय सेना फुटबॉल टीम – 4 (समीर मुर्मू 12′, सैखोम बोरिश सिंह 23′, शुभम राणा 36′, पी. क्रिस्टोफर कामेई 45+2′) बागपत एफसी – 0
इसके बाद सेना ने दोनों विंग्स से लगातार हमले जारी रखे। शुभम राणा और पवार अभिषेक शंकर ने अपने-अपने फ्लैंक से बागपत की रक्षापंक्ति को लगातार परेशान किया। इसी दौरान बागपत को बड़ा झटका लगा, जब डिफेंडर रोहित साइब्या चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए और उनकी जगह स्ट्राइकर सेंथमिल एस को उतारा गया।
मिडफील्ड में क्रिस्टोफर कामेई और लेथाओलेन खोंगसाई ने खेल की गति पूरी तरह नियंत्रित की और 23वें मिनट में इसका फायदा भी मिला। कामेई ने बाएं छोर से सटीक क्रॉस भेजा, जिस पर सैखोम बोरिश सिंह ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया और भारतीय सेना की बढ़त दोगुनी कर दी।
लगभग आधे घंटे बाद बागपत को पहला अच्छा मौका मिला। क्रिस्पिन सी. क्लीटस ने बाएं छोर से बेहतरीन क्रॉस डाला, लेकिन स्थानापन्न सेंथमिल एस का हेडर लक्ष्य से बाहर चला गया।
भारतीय सेना ने जल्द ही फिर से मैच पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और 36वें मिनट में तीसरा गोल दाग दिया। क्रिस्टोफर कामेई के एक और सटीक क्रॉस पर परदीप सिंह का हेडर पोस्ट से टकरा गया।
रिबाउंड पर बागपत के डिफेंडर गेंद को साफ नहीं कर सके और शुभम राणा ने सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए नजदीक से गेंद को जाल में पहुंचा दिया।
सर्विसेज़ टीम लगातार हवाई हमलों के जरिए खतरा पैदा करती रही। राइट-बैक सुनील बी भी लंबी दूरी के दमदार शॉट से गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन अयान भट्टाचार्य ने शानदार बचाव कर लिया।
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में पी. क्रिस्टोफर कामेई ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन पर गोल का तड़का लगाया। पवार अभिषेक शंकर दाएं छोर से अंदर आए और गेंद कामेई को थमा दी।
मिडफील्डर ने गेंद को अपने बाएं पैर पर सेट किया और शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को ऊपरी कोने में पहुंचा दिया। इसके साथ ही भारतीय सेना 4-0 की मजबूत बढ़त लेकर हाफ टाइम में गई।
दूसरे हाफ में बागपत ने अधिक आक्रामक शुरुआत की और मिडफील्ड से हमले बनाने की कोशिश की, लेकिन शफील पी.पी., परदीप सिंह और सुनील बी की अगुवाई वाली भारतीय सेना की रक्षापंक्ति बेहद अनुशासित रही और विरोधियों को कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया।
हालांकि गेंद पर नियंत्रण भारतीय सेना के पास ही रहा, लेकिन खेल की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण टीम अपनी बढ़त को और नहीं बढ़ा सकी।
बागपत की ओर से कप्तान आर्यन अमला, मिडफील्डर निंगथौखोंगजाम रोहेन सिंह और विंगर क्रिस्पिन सी. क्लीटस ने कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन संगठित भारतीय सेना की रक्षा पंक्ति के सामने वे साफ मौके बनाने में नाकाम रहे।
घंटे भर के खेल के बाद शुभम राणा के पास पांचवां गोल करने का मौका आया, लेकिन उनका कमजोर शॉट भट्टाचार्य ने आसानी से पकड़ लिया। बागपत के गोलकीपर ने मैच के अंतिम चरण में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
पहले उन्होंने पवार अभिषेक शंकर के बॉक्स के बाहर से लगाए गए दमदार शॉट को बेहतरीन तरीके से रोका और फिर समीर मुर्मू के कर्लिंग प्रयास को डाइव लगाकर बाहर धकेल दिया।
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स्थानापन्न तेजस नारायण चौधरी ने भी मिडफील्ड में कई मजबूत रक्षात्मक हस्तक्षेप कर बागपत के लिए सकारात्मक प्रभाव छोड़ा, जबकि ओम मोटघरे ने अंत में एक महत्वपूर्ण ब्लॉक लगाकर टीम को और नुकसान से बचाया।
भारतीय सेना ने अंतिम मिनटों तक कई अवसर बनाए, लेकिन कोई और गोल नहीं कर सकी और आराम से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय सेना फुटबॉल टीम ने ग्रुप बी के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर पूरे छह अंक हासिल कर लिए हैं, जबकि बागपत एफसी अपने पहले डूरंड कप अभियान का समापन बिना कोई अंक हासिल किए कर रही है।
कल के मुकाबले
• बोडोलैंड एफसी बनाम एफसी1 (ग्रुप एफ) – शाम 4:00 बजे, इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम, गुवाहाटी
• नोंगकसेह एसएस एंड सीसी बनाम लैंगस्निंग एफसी (ग्रुप ई) – शाम 7:00 बजे, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, शिलांग













