डाबर में नेतृत्व परिवर्तन, हरजीत एस. भल्ला बनेंगे पूर्णकालिक निदेशक

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लखनऊ। डाबर इंडिया लिमिटेड ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने भारत कारोबार के वर्तमान सीईओ हरजीत एस. भल्ला को 14 नवंबर 2026 से पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है।

यह नियुक्ति नियामकीय मंजूरी के अधीन होगी। वहीं, कंपनी के वैश्विक सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक मोहित मल्होत्रा 13 नवंबर 2026 से अपने पद से इस्तीफा देंगे।

कंपनी के अनुसार, मल्होत्रा ने व्यक्तिगत रुचियों और अन्य प्राथमिकताओं को समय देने के उद्देश्य से पद छोड़ने का निर्णय लिया है। नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिश पर निदेशक मंडल ने नेतृत्व में इस पूर्व नियोजित बदलाव को मंजूरी दी है।

मोहित मल्होत्रा 13 नवंबर को छोड़ेंगे सीईओ पद

नई जिम्मेदारी के बाद भी भल्ला भारत में कंपनी के कारोबार की विकास योजनाओं का नेतृत्व करते रहेंगे। वह डाबर के सबसे प्रमुख बाजार भारत में कारोबार की रणनीतिक दिशा तय करने और कंपनी का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।

इस बीच, वर्तमान पूर्णकालिक निदेशक पी.डी. नारंग समूह निदेशक-कॉरपोरेट मामले के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे। वह डाबर समूह के विभिन्न कारोबारों को रणनीतिक मार्गदर्शन देने के साथ अंतरराष्ट्रीय कारोबार की निगरानी भी करेंगे।

निदेशक मंडल के अध्यक्ष मोहित बर्मन ने नेतृत्व परिवर्तन पर कहा कि मल्होत्रा ने तीन दशकों से अधिक समय तक डाबर से जुड़े रहकर संगठन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उनके योगदान के लिए आभार जताते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

14 नवंबर से पांच साल के लिए भल्ला की नियुक्ति प्रस्तावित

बर्मन ने कहा कि भल्ला को निदेशक मंडल में शामिल करना उनके नेतृत्व में कंपनी के भरोसे और डाबर की विकास यात्रा में भारतीय कारोबार की अहम भूमिका को दर्शाता है। वहीं, नारंग का चार दशकों का अनुभव समूह के कारोबारों को रणनीतिक दिशा देने में महत्वपूर्ण रहेगा।

उन्होंने कहा कि नेतृत्व में यह बदलाव जिम्मेदारियों और जवाबदेही को स्पष्ट करने के साथ कंपनी के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने और विकास के अगले चरण की तैयारी को ध्यान में रखकर किया गया है।

भल्ला इस वर्ष की शुरुआत में डाबर से जुड़े थे। उन्हें विभिन्न देशों और कारोबारी परिस्थितियों में ब्रांड विकसित करने तथा कारोबार का विस्तार करने का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

उन्होंने यूनिलीवर में 16 वर्षों से अधिक समय तक भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विभिन्न प्रबंधन पदों पर काम किया। इसके बाद द हर्शे कंपनी और मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया में भी वैश्विक नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से 1997 में बीकॉम (ऑनर्स) और वर्ष 2000 में एमडीआई गुरुग्राम से एमबीए किया है।

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