लखनऊ। ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज (ओटीसी), आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एवं कॉलेज, लखनऊ में मेडिकल ऑफिसर्स बेसिक कोर्स (एमओबीसी)-259 के सफल समापन पर शनिवार को कोर्स समापन परेड आयोजित की गई। परेड की समीक्षा आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एवं कॉलेज के कमांडेंट एवं प्रभारी रिकॉर्ड्स लेफ्टिनेंट जनरल जे. देबनाथ ने की।
03 अगस्त से शुरू हुआ सात सप्ताह का यह कोर्स 19 सितंबर को पूरा हुआ। ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज के कमांडेंट एवं मुख्य प्रशिक्षक मेजर जनरल अनुज चावला के मार्गदर्शन में आयोजित इस पाठ्यक्रम में युवा सशस्त्र बल मेडिकल और डेंटल अधिकारियों को युद्धकालीन चिकित्सा सहायता का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
एमओबीसी-259 का कोर्स समापन परेड के साथ हुआ समापन
इसका उद्देश्य अधिकारियों को सैन्य सेवा में अपनी जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन के लिए तैयार करना था। कोर्स के दौरान अधिकारियों ने एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (एटीएलएस) प्रोवाइडर कोर्स में भी प्रशिक्षण लिया।
इसके साथ ही उन्हें आधुनिक युद्ध की बदलती परिस्थितियों और वर्तमान पीढ़ी के युद्धों को प्रभावित करने वाली नवीनतम तकनीकों से भी परिचित कराया गया।
इस पाठ्यक्रम में तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कुल 121 अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 33 महिला अधिकारी शामिल थीं। कोर्स समापन परेड सैन्य परंपराओं के अनुरूप आयोजित की गई।
कैप्टन सौरभ सिंह यादव को पाठ्यक्रम का सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण अधिकारी चुना गया। उन्हें कमांडेंट रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। वहीं, कैप्टन आकाश जी को फील्ड स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी चुने जाने पर मेजर लैशराम ज्योतिन सिंह अशोक चक्र मेमोरियल ट्रॉफी प्रदान की गई।
समीक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल जे. देबनाथ ने युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए उनकी उत्कृष्ट उपस्थिति और परेड के कुशल संचालन की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को उच्च स्तर की व्यावसायिक दक्षता बनाए रखने के साथ सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने अधिकारियों से ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज में प्राप्त ज्ञान को लगातार अद्यतन और विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही सशस्त्र बलों से मिले अवसरों का लाभ उठाते हुए अपनी व्यावसायिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने तथा युद्धक्षेत्र और शांति के समय सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के प्रति प्रतिबद्ध रहने को कहा।
परेड में 200 से अधिक गौरवान्वित माता-पिता और पाठ्यक्रम अधिकारियों के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के अधिकारी मौजूद रहे।
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