लखनऊ। आईसीएआर-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईएसआरआई), लखनऊ में प्रत्यक्ष भर्ती (डीआर) सहायकों के लिए पांच दिवसीय मॉड्यूल-II प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. एस.एन. सुशील के मार्गदर्शन तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (वरिष्ठ ग्रेड) अभिषेक श्रीवास्तव के समग्र पर्यवेक्षण में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न आईसीएआर संस्थानों में कार्यरत नव नियुक्त सहायकों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं सेवा संबंधी नियमों की अद्यतन जानकारी प्रदान करते हुए उनकी कार्यकुशलता, प्रशासनिक दक्षता और कार्यालयीन कार्यप्रणाली की समझ को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में आईसीएआर-भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर), कानपुर, आईसीएआर-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच), लखनऊ, आईसीएआर-राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग योजना प्रशिक्षण केंद्र (एनआईएसएसटी), मऊ सहित विभिन्न आईसीएआर संस्थानों के कुल नौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के दौरान शासकीय प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सेवा नियम, कार्यालयीन प्रक्रियाएं, क्रय प्रणाली तथा ई-गवर्नेंस से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को वैधानिक प्रावधानों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान भी कराया गया, ताकि वे अपने शासकीय दायित्वों का अधिक प्रभावी एवं दक्षतापूर्वक निर्वहन कर सकें।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के आयुक्त पंकज कुमार रहे। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि लोक सेवकों के लिए सतत क्षमता विकास और आजीवन सीखने की संस्कृति अत्यंत आवश्यक है।
ये भी पढ़ें : कृषि विज्ञान में योगदान के लिए डॉ. राम स्नेही द्विवेदी का हुआ सम्मान
ये भी पढ़ें : गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में करने का आह्वान किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. एस.एन. सुशील ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्यक्ष भर्ती सहायकों की प्रशासनिक दक्षता, कार्य निष्पादन क्षमता और संस्थागत उत्तरदायित्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आईसीएआर संस्थानों में सुशासन और प्रभावी प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।










