इम्फाल: नेरोका एफसी ने बुधवार को खुमान लम्पाक मेन स्टेडियम में खेले गए 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के ग्रुप चरण के अपने अंतिम मुकाबले में नौ खिलाड़ियों तक सिमटी एफसी रेंगदाई को 3-1 से हराकर जीत के साथ अपने अभियान का समापन किया।
एफसी रेंगदाई ने 19वें मिनट में जोनाह कामेई के गोल से बढ़त बनाई, लेकिन आठ मिनट बाद थौदाम नानी सिंह के आत्मघाती गोल की बदौलत नेरोका ने बराबरी हासिल कर ली।
नेरोका एफसी 3 (थौदाम नानी सिंह 27′ (आत्मघाती गोल), चाबुंगबाम लिंकी मेइती 89′, युमनाम रेनेडी मेइती 90’+4), एफसी रेंगदाई 1 (जोनाह कामेई 19′)
दूसरे हाफ में पी.एम. राकेवेइचे और सोराइशाम सुरजकांता सिंह को चार मिनट के अंतराल में लाल कार्ड मिलने के बाद रेंगदाई नौ खिलाड़ियों के साथ अंतिम 30 मिनट खेलने को मजबूर हो गई।
नेरोका ने 89वें मिनट में बढ़त हासिल की, जब स्थानापन्न खिलाड़ी चाबुंगबाम लिंकी मेइती ने हेडर के जरिए गोल दागा। इसके बाद स्टॉपेज टाइम में युमनाम रेनेडी मेइती ने तीसरा गोल कर शानदार वापसी को पूरा किया।

इस जीत के साथ नेरोका ने ग्रुप डी में तीन मैचों से चार अंक लेकर अपना अभियान समाप्त किया, जबकि पहले ही क्वार्टरफाइनल में जगह बना चुकी एफसी रेंगदाई तीन मैचों से छह अंकों के साथ ग्रुप चरण समाप्त करने में सफल रही।
नेरोका एफसी के मुख्य कोच युमनाम राजू मंगांग ने टूर्नामेंट के अपने अंतिम मैच के लिए शुरुआती एकादश में पांच बदलाव किए। गोलकीपर के रूप में अबुजाम पेनांड सिंह की जगह नाओरेम किरणजीत सिंह को मौका मिला।
रक्षा पंक्ति में बेन नैश क्वांश और सापाबा सिंह तेलेम की जगह सोइबाम अभिनाश सिंह तथा लम्बालमायुम हेम्बा मीतेई को शामिल किया गया। मिडफील्ड में चार्ल्स टेको फॉली की जगह सिनाम माइकल सिंह उतरे, जबकि आक्रमण में न्गाथेम इमार्सन मेइती की जगह श्रीदर्थ नोंगमेकापाम को मौका दिया गया।
दूसरी ओर, पहले ही क्वार्टरफाइनल में पहुंच चुकी एफसी रेंगदाई के मुख्य कोच क्षेत्रिमायुम बीरबल सिंह ने अपनी टीम में तीन बदलाव किए। कप्तान कामेई पांटिगा की जगह याइथेंगबाम सुरज सिंह ने गोलपोस्ट संभाला, जबकि रक्षा पंक्ति में वाहेंगबाम रोजेन मीतेई की जगह जोनाह कामेई को शामिल किया गया और उन्हें कप्तानी भी सौंपी गई।
मिडफील्ड में गैसुआंगमेई कामेई की जगह थौदाम नानी सिंह को मौका मिला। नेरोका ने मैच के शुरुआती तीन मिनट के भीतर पहला हमला बोला। माइकल सिंह के पास पर सिबाजीत सिंह ने बॉक्स के भीतर गेंद पर नियंत्रण तो बना लिया, लेकिन उनका शॉट सही संपर्क नहीं बना सका और गेंद गोलपोस्ट के बाहर चली गई।

कुछ ही देर बाद एफसी रेंगदाई ने अमरजीत सिंह के शानदार एक्रोबेटिक फिनिश के जरिए गोल कर दिया था, लेकिन ऑफसाइड के कारण उसे मान्यता नहीं मिली। धीरे-धीरे मैच पर नियंत्रण बनाने के बाद एफसी रेंगदाई ने 19वें मिनट में बढ़त हासिल की।
जोनाह कामेई ने कॉर्नर पर अपने मार्कर को पीछे छोड़ते हुए जोरदार हेडर लगाया, जिसने गोलकीपर और गोललाइन पर खड़े डिफेंडर दोनों को छकाते हुए जाल का रास्ता तलाश लिया। नेरोका को सेट-पीस से बराबरी करने के दो मौके मिले, लेकिन दोनों बार जिदान सिंह अपने हेडर को लक्ष्य पर नहीं रख सके।
आखिरकार टीम ने रेंगदाई की रक्षात्मक गलती का फायदा उठाया। मोडू मबेंगुए ने बॉक्स के किनारे केइफाबा मेइती से गेंद छीनी और अपने साथी की ओर पास खेला। खतरे को टालने की कोशिश में रेंगदाई के मिडफील्डर नानी सिंह ने गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी और स्कोर 1-1 हो गया।
पहले हाफ के अंतिम चरण में नेरोका ने मिडफील्ड पर पकड़ मजबूत कर ली और लगातार हमले बनाने लगी। डेविड सिंह के पास अपनी टीम को बढ़त दिलाने का शानदार मौका था, लेकिन दाएं छोर से आए बेहतरीन क्रॉस पर उनका हेडर निशाने से चूक गया।
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दूसरी ओर, एफसी रेंगदाई ने बराबरी के बाद जवाबी हमलों और सेट-पीस के जरिए खतरा पैदा करने की कोशिश की, लेकिन टीम गोल पर कोई प्रभावी प्रयास नहीं कर सकी और पहला हाफ 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
हाफटाइम में रेंगदाई ने तीन बदलाव किए। थौदाम नानी सिंह, अमरजीत सिंह और निंगथौजाम अबुंगटन सिंह की जगह सोराइशाम सुरजकांता सिंह, चुइंगाम्पौ कामेई और टिंगकाओचुन गंगमेई को उतारा गया ताकि मिडफील्ड को मजबूती दी जा सके।
55वें मिनट में एफसी रेंगदाई को बड़ा झटका लगा, जब आक्रमणकारी पी.एम. राकेवेइचे को टचलाइन के पास सेंटर-बैक सोइबाम अभिनाश सिंह पर ऊंचे पैर से खतरनाक चुनौती देने के लिए सीधे लाल कार्ड दिखाया गया। रेफरी ने पहले पीला कार्ड दिया था, लेकिन सहायक रेफरी से चर्चा के बाद फैसला बदलते हुए लाल कार्ड दिखाया।
तीन मिनट बाद रेंगदाई की मुश्किलें और बढ़ गईं। दूसरे हाफ में उतरे सोराइशाम सुरजकांता सिंह को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। सात मिनट पहले ही उन्हें इसी तरह की चुनौती के लिए पहला पीला कार्ड मिला था।
संख्यात्मक बढ़त मिलने के बाद नेरोका ने विपक्षी हाफ में तेज़ी से गेंद घुमानी शुरू की। जवाब में रेंगदाई ने अपनी पूरी टीम को पीछे खींच लिया और आठ आउटफील्ड खिलाड़ियों के साथ रक्षात्मक दीवार खड़ी कर दी,
ताकि नेरोका को कोई स्पष्ट मौका न मिल सके। टीम ने स्ट्राइकर मिदुल डोले की जगह सेंटर-बैक रोजेन मीतेई को उतारकर अपनी रक्षा पंक्ति को और मजबूत किया।
नेरोका लगातार हमले करती रही, लेकिन रेंगदाई की संगठित रक्षा को भेदना आसान नहीं था। स्थानापन्न खिलाड़ी चाबुंगबाम लिंकी मेइती सबसे करीब पहुंचे, लेकिन लगभग 10 गज की दूरी से लगाया गया उनका शॉट सीधे गोलकीपर के हाथों में चला गया।
आखिरकार 89वें मिनट में नेरोका ने अपनी संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाया। स्थानापन्न खिलाड़ी इमार्सन मेइती ने बॉक्स के भीतर शानदार क्रॉस भेजा, जिस पर लिंकी मेइती ने सटीक हेडर लगाकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।
स्टॉपेज टाइम में एक और स्थानापन्न खिलाड़ी युमनाम रेनेडी मेइती ने शांतचित्त फिनिश के साथ तीसरा गोल दागकर मुकाबले पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ नेरोका ने अपने डूरंड कप अभियान का समापन शानदार अंदाज में किया, जबकि एफसी रेंगदाई अब क्वार्टरफाइनल में चुनौती पेश करेगी।
135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के तहत डूरंड कप टूर्नामेंट सोसाइटी प्रत्येक ग्रुप से एक उत्कृष्ट उभरते खिलाड़ी (इमर्जिंग प्लेयर) को सम्मानित कर रही है। इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक इमर्जिंग प्लेयर को सोसाइटी की ओर से ₹1 लाख की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
ग्रुप डी के इमर्जिंग प्लेयर अवॉर्ड से एफसी रेंगदाई के मिदुल डोले को सम्मानित किया गया। उन्हें ₹1 लाख का चेक लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, एवीएसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, 3 कॉर्प्स ने प्रदान किया।
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कल के मुकाबले
• जमशेदपुर एफसी बनाम भारतीय वायु सेना फुटबॉल टीम (ग्रुप सी) – शाम 4:00 बजे, बिरसा मुंडा स्टेडियम, रांची
• बोडोलैंड एफसी बनाम कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी (ग्रुप एफ) – शाम 4:00 बजे, इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम, गुवाहाटी
• शिलांग लाजोंग एफसी बनाम लांगस्निंग एफसी (ग्रुप ई) – शाम 7:00 बजे, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, शिलांग












