डूरंड कप का आगाज़, कोलकाता डर्बी से सजेगा फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच

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Photos by :Tuhin Dhali / aceimages.in for OPTL

कोलकाता : एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप का शुभारंभ शनिवार, 25 जुलाई को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में भारतीय फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विता—ईस्ट बंगाल एफसी और मोहुन बागान सुपर जायंट के बीच होने वाले ऐतिहासिक कोलकाता डर्बी से होगा।

भारतीय क्लब फुटबॉल की पहचान बन चुकी इस भिड़ंत से बेहतर मुकाबला टूर्नामेंट के उद्घाटन के लिए शायद ही कोई हो सकता था। मुकाबले का किक-ऑफ भारतीय समयानुसार शाम 5:00 बजे होगा। 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के सभी 43 मुकाबलों का सीधा प्रसारण सोनी टेन 5 पर किया जाएगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग सोनीलिव पर उपलब्ध होगी।

इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता की कहानी आंकड़ों से शुरू होती है, लेकिन यहां आंकड़े केवल आंकड़े नहीं हैं। मोहुन बागान सुपर जायंट 17 खिताबों के साथ डूरंड कप के इतिहास का सबसे सफल क्लब है। वहीं ईस्ट बंगाल एफसी 16 खिताबों के साथ उनसे केवल एक ट्रॉफी पीछे है। यही वजह है कि दोनों टीमों के बीच हर मुकाबला इस अंतर को कम करने या बढ़ाने का नया अवसर बन जाता है।

डूरंड कप में दोनों टीमें 20 से अधिक बार आमने-सामने आ चुकी हैं, जिसमें ईस्ट बंगाल को मामूली बढ़त हासिल है। दोनों क्लबों के बीच अब तक 12 डूरंड कप फाइनल खेले जा चुके हैं।

सबसे हालिया फाइनल 2004 में हुआ था। इन 12 फाइनल में ईस्ट बंगाल ने छह बार, मोहुन बागान ने चार बार जीत दर्ज की, जबकि दो खिताब साझा रहे। इसी प्रतिद्वंद्विता में वर्ष 2023 के फाइनल में मोहुन बागान ने ईस्ट बंगाल को 1-0 से हराकर 23 वर्षों का इंतजार समाप्त किया था और अपना रिकॉर्ड 17वां डूरंड कप खिताब जीता था। विश्व फुटबॉल में बहुत कम प्रतिद्वंद्विताएं ऐसी हैं जिनमें इतिहास और रोमांच इस स्तर पर एक साथ दिखाई देता हो।

हालांकि, यह मुकाबला केवल इतिहास तक सीमित नहीं है। ईस्ट बंगाल एफसी मौजूदा इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) चैंपियन के रूप में इस टूर्नामेंट में उतर रही है। पिछले सीज़न राष्ट्रीय लीग का खिताब जीतने के बाद टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड के समर्थकों को भी भरोसा है कि उनकी टीम अब केवल अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी से टक्कर देने नहीं, बल्कि उसे हराने के लिए तैयार है।

खिताबी टीम का हिस्सा रहे मिडफील्डर जेकसन सिंह थौनाओजाम ने नए मुख्य कोच एंटोनियो लोपेज हाबास के नेतृत्व में टीम के माहौल पर कहा, “हम एक परिवार की तरह साथ आ रहे हैं और पिछले सीज़न के अंत में हमने अपना लक्ष्य हासिल किया था।

मैं नए सीज़न का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं और इस बार पहले से भी अधिक दृढ़ संकल्प के साथ वही सफलता दोहराना चाहता हूं। कोच ने अपने करियर में कई ट्रॉफियां जीती हैं और उनके मार्गदर्शन में ईस्ट बंगाल के लिए खेलना मेरे लिए सम्मान की बात होगी। मेरे अनुसार हम इस मुकाबले के प्रबल दावेदार हैं।”

हालांकि, इस बार दोनों टीमों की तकनीकी क्षेत्र (डगआउट) में नए चेहरे दिखाई देंगे। मोहुन बागान सुपर जायंट की कमान अब ग्रीक कोच पनायियोटिस डिलम्पेरिस के हाथों में है, जिन्होंने पिछले दो सीज़न पंजाब एफसी के साथ शानदार प्रदर्शन किया था। अब उनके पास पहले से कहीं अधिक मजबूत और प्रतिभाशाली टीम है, जिसमें ब्राज़ीलियाई मिडफील्डर मिगुएल फिगुएरा दमासेनो जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

अपने पहले डर्बी मुकाबले से पहले डिलम्पेरिस ने कहा, “ईस्ट बंगाल के खिलाफ डर्बी से अपने सफर की शुरुआत करना मेरे लिए बेहद रोमांचक है, क्योंकि फुटबॉल का असली आकर्षण ऐसे ही मुकाबलों में होता है। मोहुन बागान जैसे क्लब से जुड़ना, जिसकी विशाल फैन फॉलोइंग, समृद्ध इतिहास और ऊंची अपेक्षाएं हैं, मेरे लिए दबाव नहीं बल्कि बड़ी प्रेरणा है।”

मिगुएल फिगुएरा दमासेनो का मोहुन बागान में आना भी अपने आप में दिलचस्प कहानी है। महज एक वर्ष पहले भारतीय फुटबॉल में कदम रखने वाले इस ब्राज़ीलियाई मिडफील्डर ने ईस्ट बंगाल के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए आईएसएल का गोल्डन बॉल पुरस्कार जीता और टीम को खिताबी सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वही खिलाड़ी हरे और मैरून रंग की जर्सी पहनकर अपने पूर्व क्लब के खिलाफ मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।

मोहुन बागान ने अपने आक्रमण को और मजबूत करने के लिए सर्बियाई स्ट्राइकर देजान द्राज़िच को भी टीम में शामिल किया है। हाल ही में कोलकाता पहुंचे द्राज़िच ने डर्बी के माहौल को लेकर कहा, “किसी भी खिलाड़ी के लिए, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय, कोलकाता डर्बी जैसा मुकाबला खेलना अद्भुत अनुभव है।

एयरपोर्ट पर जो स्वागत मुझे मिला, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। मैं इसके लिए बेहद आभारी हूं। हम मोहुन बागान हैं और हमारी तरह हर कोई इस मैच को जीतने की उम्मीद करता है।”

दूसरी ओर, ईस्ट बंगाल एफसी ने ऐसे कोच पर भरोसा जताया है जो इस प्रतिद्वंद्विता को बेहद करीब से जानते हैं। अनुभवी स्पेनिश कोच एंटोनियो लोपेज हाबास इससे पहले 2023-24 सीज़न में मोहुन बागान सुपर जायंट को आईएसएल लीग शील्ड जिताने में सफल रहे थे। अब वह रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड के साथ अपने पूर्व क्लब के खिलाफ नई चुनौती के लिए तैयार हैं।

अपने पुराने क्लब के खिलाफ उतरने को लेकर पूछे गए सवाल पर हाबास ने कहा, “मुझे किसी तरह की पुरानी यादें नहीं हैं। हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में सोचना चाहिए, क्योंकि अतीत बीत चुका है। मैं भारत में अपने सफर, अपने खिलाड़ियों और प्रशंसकों का पूरा सम्मान करता हूं। लेकिन अब मेरी जिम्मेदारी दूसरी टीम के साथ है। एक पेशेवर के तौर पर अब मुझे अपने नए सपने के लिए संघर्ष करना है।”

भारतीय फुटबॉल में शायद ही किसी कोच की वापसी इतनी दिलचस्प रही हो—एक ऐसा कोच जो उसी मैदान पर लौट रहा है, जहां उसने कभी सफलता हासिल की थी, लेकिन इस बार अपने पूर्व क्लब की राह रोकने के इरादे से।

हालिया इतिहास भी इस मुकाबले को और दिलचस्प बनाता है। पिछले वर्ष इसी विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए डूरंड कप क्वार्टर फाइनल में ईस्ट बंगाल ने मोहुन बागान को करीबी मुकाबले में हराया था। वह परिणाम दोनों टीमों की स्मृतियों में अब भी ताज़ा है और यह याद दिलाता है कि हाल के वर्षों में इस प्रतिद्वंद्विता में किसी एक टीम का दबदबा नहीं रहा है।

लेकिन अंततः इन सभी आंकड़ों और कहानियों से अधिक महत्व उस प्रदर्शन का होगा जो सीटी बजने के बाद मैदान पर दिखाई देगा। वर्ष 2019 से डूरंड कप के कोलकाता चरण की मेज़बानी कर रहा विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन इस ऐतिहासिक मुकाबले का कई बार गवाह बन चुका है। हालांकि, किसी टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला हमेशा एक अलग महत्व रखता है, क्योंकि पूरे अभियान की दिशा उसी से तय होती है।

शनिवार का मुकाबला ईस्ट बंगाल एफसी और मोहुन बागान सुपर जायंट के बीच चली आ रही ऐतिहासिक बहस का अंत नहीं करेगा—ऐसा शायद कभी नहीं होता। लेकिन यह निश्चित रूप से पूरे टूर्नामेंट का स्वर तय करेगा, और विश्व फुटबॉल में इससे बेहतर मंच शायद ही कोई हो, जहां कोलकाता की रोशनी में डर्बी मुकाबले के साथ किसी प्रतियोगिता का शानदार आगाज़ हो।

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