कोलकाता डर्बी में ईस्ट बंगाल का दबदबा, 4-1 की जीत, 17वीं बार चैंपियन

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कोलकाता : ईस्ट बंगाल एफसी ने रविवार को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर शानदार अंदाज में ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया।

इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने 17वीं बार डूरंड कप की ट्रॉफी अपने नाम की और सर्वाधिक खिताब जीतने के मामले में मोहुन बागान की बराबरी कर ली।

ईस्ट बंगाल एफसी – 4 (थ. बिपिन सिंह 10′, एडमंड लालरिंदिका 12′, 22′, 44′) मोहन बागान सुपर जायंट – 1 (मनवीर सिंह 33′)

मोहुन बागान ने फाइनल की शुरुआत में खेल की गति पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा। अनिरुद्ध थापा और लिस्टन कोलाको मनवीर सिंह और जेमीमैकलारेन के लिए मौके बनाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, ईस्ट बंगाल ने बेहद घातक दक्षता का प्रदर्शन करते हुए दो मिनट के भीतर दो गोल दागे और मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

10वें मिनट में ईस्ट बंगाल के कप्तान मोहम्मद बासिम राशिद ने शानदार थ्रूबॉल खेलकर बाईं ओर बिपिन सिंह को रिलीज किया। बिपिन ने कोई गलती नहीं की और बेहतरीन फिनिश के साथ गेंद को दूर वाले पोस्ट की ओर भेजकर ईस्ट बंगाल को 1-0 की बढ़त दिला दी।

दो मिनट बाद ईस्ट बंगाल ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। एडमंड लालरिंदिका ने बॉक्स के बाहर गेंद हासिल की और शानदार शॉट लगाया, जो मोहन बागान के गोलकीपर विशाल कैथ की पहुंच से बाहर निकलते हुए नेट में जा समाया।

मोहुनबागान ने जवाब देने की कोशिश की। लिस्टनकोलाको के क्रॉस को ईस्ट बंगाल के डिफेंस ने क्लियर किया, जिसके बाद बॉक्स के बाहर कोलाको पर हुए फाउल ने उन्हें एक और मौका दिया। कोलाको की फ्री-किक लक्ष्य की ओर जाती दिखी, लेकिन ईस्ट बंगाल के गोलकीपर प्रभ्सुखान सिंह गिल ने शानदार बचाव करते हुए गेंद को दूर कर दिया।

ईस्ट बंगाल गहराई में डिफेंड कर रहा था, लेकिन गेंद पर कब्जा मिलते ही वह खतरनाक नजर आ रहा था और 22वें मिनट में उसने तीसरा गोल कर दिया। यह एक और शानदार टीम मूव था। एडमंड ने सेंटर से हमले की शुरुआत की और गेंदबाईं ओर से हार्दिक भट्ट के पास पहुंची।

राइट-बैक ने गेंद को डैनियल रामिरेज़ की ओर भेजा, जिन्होंने उसे सेंटर में खेला। एडमंड ने अपनी दौड़ जारी रखी, गेंद हासिल की और गोलकीपर तथा डिफेंडर को शानदार कौशल से छकाते हुए नियर पोस्ट पर शांत चित्त फिनिश किया।

मोहुन बागान अचानक 0-3 से पिछड़ गया, लेकिन उसने आक्रमण जारी रखा। 30वें मिनट में अनिरुद्ध थापा ने जेमीमैकलारेन को अच्छी गेंद दी, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई फॉरवर्ड का दूर से लगाया गया शॉट लक्ष्य से बाहर चला गया। मोहुन बागान ने आखिरकार 33वें मिनट में एक गोल वापस हासिल किया।

लालेंग माविया ने मिडफील्ड से दाईं ओर मौजूद मनवीर सिंह के लिए शानदार थ्रू बॉल खेली। मनवीर तेजी से बॉक्स में पहुंचे, अंदर की ओर कट किया और दूर वाले पोस्ट की ओर शानदार फिनिश करते हुए अंतर को 3-1 कर दिया।

37वें मिनट में मनवीर ने बाईं ओर से एक और खतरनाक दौड़ लगाई और गेंद मै कलारेन के लिए छोड़ी, लेकिन फॉरवर्ड उसे गोल में नहीं बदल सके। ईस्ट बंगाल दबाव को झेलता रहा और 39वें मिनट में गिलने स्वीपर-कीपर के रूप में अपनी सूझबूझ दिखाते हुए एक और महत्वपूर्ण क्लियरेंस किया।

जब ऐसा लगने लगा कि मोहन बागान मुकाबले में वापसी की दिशा में बढ़ रहा है, तभी ईस्ट बंगाल ने हाफटाइम से ठीक पहले एक और गोल कर दिया।

44वें मिनट में बासिम राशिद ने दाईं ओर से फ्री-किक को दूर वाले पोस्ट की ओर भेजा। जयगुप्ता ने गेंद को छूकर गोल के सामने की ओर मोड़ा, जहां एडमंड बिल्कुल सही जगह पर मौजूद थे और उन्होंने नजदीक से गेंद को नेट में डाल दिया। इस गोल के साथ एडमंड ने अपनी हैट्रिक पूरी की और ईस्टबंगाल की तीन गोल की बढ़त फिर बहाल हो गई।

हाफ टाइम तक ईस्ट बंगाल 4-1 से आगे था। दूसरे हाफ में मोहन बागान ने बदलाव किए और आक्रमण जारी रखा, लेकिन ईस्ट बंगाल का डिफेंस व्यवस्थित रहा।

48वें मिनट में सुभाषिश बोस के क्रॉस को लाल चुंगनुंगा ने क्लियर किया, जबकि तीन मिनट बाद अनवर अली ने महत्वपूर्ण इंटर सेप्शन करते हुए स्थानापन्न मिगुएल फरेरा और मनवीर के बीच बन रहे संयोजन को रोक दिया।

58वें मिनट में मैरिनर्स फिर करीब पहुंचे, जब लिस्टन कोलाको ने बॉक्स के बाएं किनारे से शक्तिशाली फ्री-किक लगाई। एक बार फिर गिल ने शानदार बचाव करते हुए ईस्ट बंगाल की बढ़त को बरकरार रखा।

ईस्ट बंगाल के पास भी अपने मौके थे। 65वें मिनट में बिपिन सिंह ने कैथ की परीक्षा ली, जबकि दो मिनट बाद मनवीर की दौड़ को जयगुप्ता ने शानदार क्लियरेंस से रोक दिया।

मोहन बागान के पास गेंद पर कब्जा बना रहा और वह मुकाबले में वापसी का रास्ता तलाशता रहा, लेकिन संदीप मंडी, अनवर अली और हार्दिक भट्ट की ईस्ट बंगाल की रक्षापंक्ति ने दबाव का प्रभावी ढंग से सामना किया।

रेड एंड गोल्ड ब्रिगेड ने धीरे-धीरे काउंटर अटैक पर निर्भर करना शुरू किया, जबकि मोहन बागान खाली जगह तलाशते हुए गेंद को इधर-उधर घुमाता रहा। 71वें मिनट में बाईं ओर से अच्छी दौड़ के बाद स्थानापन्न जेसिनटी.के. थोनिक्कारा के पास मौका आया, लेकिन उनका प्रयास कैथ ने रोक दिया।

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मैरिनर्स ने ललियां जुआलाछांग्ते, मिगुएल फरेरा और सहल अब्दुल समद को मैदान पर उतारकर आक्रमण में और धार लाने की कोशिश की। लेकिन ईस्ट बंगाल अनुशासित रहा और मोहुन बागान के बॉक्स में प्रवेश करने के हर प्रयास को रोकता रहा। मिडफील्ड में जेक्सनसिंह ने भी कड़ी मेहनत की।

86वें मिनट में कियान नासिरीगिरी ने बॉक्स के अंदर शानदारटर्न लेकर मौका बनाया, लेकिन उनका शॉट गिल को परेशान करने के लिए पर्याप्त ताकत और दिशा हासिल नहीं कर सका।

मोहन बागान ने अंतिम सीटी तक एक और गोल की तलाश जारी रखी, लेकिन इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मैकलारेन के प्रयास को गिल ने आसानी से अपने कब्जे में ले लिया।

अंतिम सीटी के साथ ईस्ट बंगाल एफसी ने 4-1 की यादगार जीत दर्ज की और 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप का चैंपियन बन गया।

इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने सर्वकालिक डूरंड कप खिताबों की सूची में मोहुन बागान की बराबरी कर ली। दोनों क्लब अब 17-17 खिताब के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं, जिससे भारतीय फुटबॉल की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक में एक और यादगार अध्याय जुड़ गया।

सभी पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक भी प्रदान किया गया। वहीं, गोल्डन बॉल विजेता एडमंड लालरिंदिका को एसयूवी की चाबी भी प्रदान की गई।

व्यक्तिगत पुरस्कार
  • गोल्डन ग्लव: विशाल कैथ (मोहुन बागान सुपर जायंट)
  • गोल्डन बूट: अलाएद्दीन अजाराई (नॉर्थ ईस्ट यूनाइटेड एफसी)
  • गोल्डन बॉल: एडमंड लालरिंदिका (ईस्ट बंगाल एफसी

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